फ़ॉलोअर

लखपति दीदी योजना 2025: महिलाओं की आय होगी 1 लाख+

लखपति दीदी योजना: यूपी में महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक पहल, एक साल में 1 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य



उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए योगी सरकार ने लखपति दीदी योजना को मिशन मोड में लागू कर दिया है। यह योजना केवल एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि Women-led Development के विजन को साकार करने की ठोस पहल मानी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने अगले एक साल में 1 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य तय किया है, जबकि कुल 3 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़कर उन्हें स्थायी आजीविका से जोड़ा जाएगा। सरकार का मानना है कि जब गांव की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तभी प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक संरचना मजबूत होगी।

लखपति दीदी योजना का मूल उद्देश्य महिलाओं को केवल योजनाओं की लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक प्रगति की सक्रिय भागीदार बनाना है। इस योजना के तहत महिलाओं की सालाना आय कम से कम 1 लाख रुपए या उससे अधिक तक पहुंचाने पर फोकस किया गया है। खास बात यह है कि यह पहल केंद्र सरकार की सोच से प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर लागू की जा रही है, जहां हर जिले में इसे प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) को सौंपी है। मिशन के तहत प्रशिक्षित टीमें गांव-गांव और घर-घर जाकर महिलाओं से संपर्क करेंगी। रणनीति यह सुनिश्चित करने की है कि कोई भी पात्र और इच्छुक महिला इस योजना से वंचित न रह जाए। महिलाओं को उनकी रुचि, कौशल और स्थानीय संसाधनों के आधार पर स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा, ताकि वे अपनी क्षमता के अनुसार आय सृजन कर सकें।

लखपति दीदी योजना के अंतर्गत महिलाओं को कृषि और गैर-कृषि आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें पशुपालन, डेयरी, मुर्गी पालन, सब्जी उत्पादन, बीज उत्पादन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन जैसे कृषि आधारित कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई, अगरबत्ती निर्माण, मसाला उद्योग और पापड़ निर्माण जैसे गैर-कृषि कार्यों पर भी विशेष जोर दिया गया है। इन गतिविधियों का चयन इस तरह किया गया है कि महिलाएं घर बैठे या स्थानीय स्तर पर रोजगार कर सकें और उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो।

सरकार का फोकस केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को प्रशिक्षण से लेकर बाजार तक पूरा सहयोग देने की रणनीति बनाई गई है। योजना के तहत महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, शुरुआती पूंजी सहायता और बैंक लिंकेज के माध्यम से आसान ऋण की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा, महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए मार्केट सपोर्ट और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि उनके उत्पादों को उचित मूल्य मिल सके।

योगी सरकार का स्पष्ट विजन है कि महिलाएं सिर्फ स्वरोजगार तक सीमित न रहें, बल्कि आगे चलकर उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाएं। इसीलिए योजना के अंतर्गत वित्त, तकनीक, प्रशिक्षण और विपणन—इन चारों स्तंभों को मजबूत किया जा रहा है। कई जिलों में महिलाएं पहले से ही इस मॉडल के जरिए अच्छी आय अर्जित कर रही हैं, जिससे अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिल रही है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में गांवों की महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारेंगी, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने वाली ग्रामीण उद्यमी बनेंगी।

लखपति दीदी योजना का लाभ वही महिलाएं ले सकती हैं जो स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी हों और ग्रामीण या शहरी आजीविका मिशन के तहत पंजीकृत हों। इसके अलावा, लाभार्थी महिला का किसी न किसी आय सृजन गतिविधि में सक्रिय होना आवश्यक है। योजना के तहत अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं है। महिलाओं का चयन ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय और आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों के जरिए किया जाता है। योजना से जुड़ी जानकारी के लिए महिलाएं अपने SHG समूह, ग्राम पंचायत कार्यालय, ब्लॉक कार्यालय या NRLM/UPSRLM से जुड़े अधिकारियों से संपर्क कर सकती हैं।

सरकार का मानना है कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत करेगी। जब महिलाओं की आय बढ़ेगी, तो परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। यही वजह है कि इस अभियान को युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि जब गांव की महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी प्रदेश सही मायनों में आत्मनिर्भर बनेगा।

कुल मिलाकर, लखपति दीदी योजना उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान, पहचान और नेतृत्व की नई भूमिका भी देगी। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—हर गांव में ऐसी महिलाएं तैयार करना जो आत्मविश्वास के साथ न सिर्फ अपना जीवन संवारें, बल्कि प्रदेश के विकास की कहानी भी लिखें।

कोई टिप्पणी नहीं

Blogger द्वारा संचालित.