पीएम मोदी ने बांसवाड़ा में ₹1.22 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया | परमाणु ऊर्जा, सोलर, सड़क, रेल और रोजगार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांसवाड़ा, राजस्थान में ₹1.22 लाख करोड़ के विकास कार्यों का शुभारंभ किया
बांसवाड़ा (राजस्थान), नवरात्रि के चौथे दिन — मां त्रिपुरा सुंदरी की पावन भूमि पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दक्षिण राजस्थान के लिए अब तक का सबसे बड़ा विकास पर्व शुरू किया। कुल ₹1.22 लाख करोड़ की लागत से होने वाले इन परियोजनाओं में स्वच्छ ऊर्जा, बिजली प्रसारण, पेयजल, रेलवे, सड़क, शिक्षा, रोजगार और आदिवासी कल्याण से जुड़े कई ऐतिहासिक कदम शामिल हैं।
यह अवसर केवल परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का नहीं था, बल्कि यह भारत की तेज़ गति से बढ़ती प्रगति और "विकसित भारत" के संकल्प का प्रतीक भी बना।
राजस्थान में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति की शुरुआत
प्रधानमंत्री ने ₹42,000 करोड़ की लागत से बनने वाले माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना का शिलान्यास किया। इस परियोजना में चार स्वदेशी 700 मेगावाट रिएक्टर लगाए जाएंगे। यह परियोजना न केवल भारत की सबसे बड़ी परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में से एक होगी बल्कि आत्मनिर्भर भारत (Aatmanirbhar Bharat) मिशन की ताकत को भी दर्शाएगी।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने ₹19,210 करोड़ की हरित ऊर्जा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा ज़ोन (Renewable Energy Zone) के तहत पारेषण लाइनों का निर्माण शामिल है, जिसके माध्यम से राजस्थान से भारत के अन्य हिस्सों तक 15.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा पहुंचाई जाएगी।
किसानों, घरों और उद्योगों को सौर ऊर्जा से लाभ
सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री ने पीएम-कुसुम योजना (PM-KUSUM) के अंतर्गत 3517 मेगावाट फीडर-लेवल सोलराइजेशन परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा, क्योंकि कृषि पंप सौर ऊर्जा से चल सकेंगे और डीजल या महंगी बिजली पर निर्भरता कम होगी।
साथ ही, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) के तहत अब लाखों घरों की छतों पर सौर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे लोगों को बिजली के बिलों में बड़ी बचत होगी और आत्मनिर्भर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
आम नागरिकों के लिए जीएसटी से बड़ी बचत
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर जीएसटी बचत महोत्सव (GST Savings Festival) की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि 2014 की तुलना में आज आम जनता को रोज़मर्रा की वस्तुओं पर भारी बचत हो रही है।
- दो-पहिया वाहन: ₹60,000 कीमत की मोटरसाइकिल पर अब ₹9,000 की कर बचत हो रही है।
- जूते-चप्पल: ₹500 कीमत के जूतों पर अब उपभोक्ताओं को ₹50 की बचत मिल रही है।
- सीमेंट: पहले एक बोरी पर ₹90 टैक्स लगता था, जो अब घटकर ₹50 रह गया है।
प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि इस त्योहारी सीजन में स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी कर आत्मनिर्भर भारत अभियान को मज़बूती दें।
आदिवासी समुदायों के लिए बड़ा संकल्प
दक्षिण राजस्थान की धरती आदिवासी संस्कृति और परंपरा से समृद्ध है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर आदिवासी समुदायों के उत्थान के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की।
- पेयजल परियोजनाएँ: आदिवासी जिलों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु कई नई परियोजनाओं का शुभारंभ।
- ₹30,000 करोड़ की नई सार्वजनिक परियोजनाएँ: जिनका सीधा लाभ दक्षिण राजस्थान के आदिवासी समाज को मिलेगा।
- प्रधानमंत्री जनमन योजना (PM Janman Yojana), धरती आबा अभियान (Dharti Aaba Abhiyan) और एकलव्य विद्यालय (Eklavya Schools) जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से 5 करोड़ से अधिक आदिवासी नागरिकों के जीवन में परिवर्तन लाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि "अंत्योदय" यानी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुँचाना ही सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य है।
रेलवे और सड़क कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार
परिवहन के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री ने कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
- तीन नई ट्रेनों का शुभारंभ, जिनमें दो वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएँ भी शामिल हैं।
- सड़क परियोजनाओं पर ₹2,630 करोड़ का निवेश, जिससे भरतपुर, डूंगरपुर, बाड़मेर समेत कई ज़िलों की सड़क संपर्क व्यवस्था और बेहतर होगी।
इन कदमों से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।
युवाओं के लिए नए अवसर और रोजगार
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राजस्थान के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया।
- 15,000 से अधिक नियुक्ति पत्र युवाओं को वितरित किए गए।
- इन नियुक्तियों में इंजीनियर, शिक्षक और कनिष्ठ सहायक जैसी नौकरियां शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान की युवा शक्ति "विकसित भारत" की ऊर्जा है और सरकार उन्हें हर क्षेत्र में अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
राजस्थान को प्रगति की तेज़ रफ्तार पर
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा:
"आज मां त्रिपुरा सुंदरी की पावन भूमि से एक नए युग की शुरुआत हो रही है। बिजली से लेकर पानी तक, सड़क से लेकर रोजगार तक, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक, हर क्षेत्र में विकास का यह संकल्प राजस्थान को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। यह सिर्फ परियोजनाओं का शुभारंभ नहीं है, बल्कि विकसित भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।"
निष्कर्ष
नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण राजस्थान के लिए जिस विकास यात्रा का शुभारंभ किया है, वह न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के भविष्य की दिशा तय करेगी। स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार सृजन, आदिवासी कल्याण और जन-जन तक विकास पहुँचाने का यह विज़न भारत को "विकसित भारत @2047" के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ाएगा।

Post a Comment