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पीएम कुसुम योजना: यूपी में 90% सब्सिडी पर 40,521 सोलर पंप जारी | ऑनलाइन आवेदन शुरू

यूपी में PM कुसुम योजना के तहत किसानों को बड़ी सौगात: 40,521 सोलर पंप सब्सिडी पर, 15 दिसंबर तक करें आवेदन 

पीएम कुसुम योजना: यूपी में 90% सब्सिडी पर 40,521 सोलर पंप जारी | ऑनलाइन आवेदन शुरू


उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए इस बार सूरज नई उम्मीद लेकर आया है। योगी सरकार ने PM कुसुम योजना के तहत वर्ष 2025-26 में राज्य के अन्नदाताओं को कुल 40,521 सोलर पंप सब्सिडी पर उपलब्ध कराने की घोषणा की है। यह योजना उन किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो लंबे समय से महंगी बिजली, डीज़ल की बढ़ती लागत और लगातार बदलते मौसम के कारण सिंचाई को लेकर संघर्ष कर रहे थे। सरकार का दावा है कि सौर ऊर्जा आधारित पंप किसानों को न सिर्फ ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाएंगे, बल्कि उत्पादन लागत में भी भारी कमी लाएँगे।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को 15 दिसंबर तक कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर आवेदन करना होगा। यह पूरा प्रोसेस ऑनलाइन है और किसान अपने घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से आवेदन कर सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि सोलर पंप उन्हीं किसानों को मिलेगा जो इस पोर्टल पर पंजीकरण कर चुके होंगे, और उनका चयन ई-लॉटरी सिस्टम के तहत किया जाएगा। यह प्रक्रिया योजना की पारदर्शिता और निष्पक्षता को सुनिश्चित करती है।

सरकार ने इस वर्ष 9 प्रकार के सोलर पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। इनमें डीसी, एसी सरफेस पंप और अलग-अलग क्षमता वाले सबमर्सिबल पंप शामिल हैं। हर श्रेणी पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अलग-अलग अनुदान तय है, जिससे किसान अपनी जरूरत, पानी की गहराई और फसल के अनुसार मॉडल चुन सकें। योजना का स्पष्ट उद्देश्य है—किसानों की लागत कम करना, जल प्रबंधन सुधारना और ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, निःशुल्क ऊर्जा से सशक्त बनाना।

सब्सिडी के रूप में मिलने वाली राशि इस योजना की सबसे बड़ी ताकत है। उदाहरण के लिए 2 HP DC/AC सरफेस पंप पर राज्य सरकार की ओर से ₹56,737 और केंद्र सरकार की ओर से ₹41,856 का अनुदान दिया जाएगा। यानी एक किसान को कुल लगभग ₹98,593 की राहत। इसी तरह 2 HP DC सबमर्सिबल पंप पर ₹1,00,215, 2 HP AC सबमर्सिबल पर ₹99,947, 3 HP DC सबमर्सिबल पर ₹1,33,621, और 3 HP AC सबमर्सिबल पर ₹1,32,314 का अनुदान दिया जाएगा। इन सभी में राज्य और केंद्र दोनों की हिस्सेदारी शामिल है।

बड़ी क्षमताओं पर मिलने वाला अनुदान और भी आकर्षक है। 5 HP AC सबमर्सिबल पर ₹1,88,038, जबकि 7.5 HP और 10 HP AC सबमर्सिबल पंपों पर किसानों को करीब ₹2,54,983 तक का लाभ मिलेगा। इनमें राज्य सरकार लगभग ₹1,40,780 और केंद्र सरकार ₹1,14,203 की राशि वहन करेगी। यह भारी अनुदान किसानों के लिए उन पंपों को भी सुलभ बना रहा है, जो पहले उनकी पहुंच से बाहर थे।

सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए टोकन मनी सिर्फ ₹5,000 रखी है। किसान जब ऑनलाइन बुकिंग करेंगे तो उन्हें यह राशि जमा करनी होगी। बुकिंग कन्फर्म होते ही किसानों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सूचना भेज दी जाएगी। इसके बाद उन्हें शेष राशि—जो अनुदान घटाने के बाद बचती है—ऑनलाइन जमा करनी होगी। यदि कोई किसान शेष राशि बैंक से ऋण लेकर जमा करता है, तो उसे AIF (कृषि अवसंरचना निधि) के तहत ब्याज में कुल 6% (केंद्र 3% + राज्य 3%) की विशेष छूट मिलेगी। यह सुविधा किसानों की वित्तीय बोझ कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।

योजना में कुछ तकनीकी नियम भी जोड़े गए हैं जिनका पालन किसानों के लिए अनिवार्य है। जैसे—2 HP पंपों के लिए 4 इंच, 3 व 5 HP पंपों के लिए 6 इंच, और 7.5 व 10 HP पंपों के लिए 8 इंच की बोरिंग आवश्यक है। यह बोरिंग किसान को स्वयं करवानी होगी और सत्यापन के समय बोरिंग न मिलने पर टोकन मनी जब्त हो जाएगी। गहराई के आधार पर पंपों की उपयुक्तता भी बताई गई है—जैसे 2 HP सबमर्सिबल 50 फीट गहराई तक, 3 HP 150 फीट तक, 5 HP 200 फीट तक और 10 HP तक के पंप 300 फीट तक के जल स्तर पर प्रभावी ढंग से काम करते हैं।

कृषि विभाग ने जिला-स्तर पर भी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। पोर्टल पर 2 HP और 3 HP पंपों का संयुक्त लक्ष्य दिखाया जाएगा, और किसान अपनी सिंचाई जरूरत के अनुसार मॉडल का चयन कर सकेंगे। यह माइक्रो प्लानिंग किसानों को संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में प्रेरित करेगी।

PM कुसुम योजना किसानों की जिंदगी में नई ऊर्जा भर रही है। स्वच्छ ऊर्जा, कम खर्च, आसान रखरखाव और लंबे समय तक चलने वाले सोलर पंप खेती को अधिक लाभदायक बना रहे हैं। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आय में वृद्धि, सिंचाई में स्थिरता और ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। डीज़ल पर निर्भरता कम होने से पर्यावरणीय लाभ भी होगा।

कुल मिलाकर, यह योजना यूपी के किसानों के लिए बड़ा अवसर है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसान समय रहते आवेदन करें और इस सुनहरे मौके का लाभ उठाएँ।
15 दिसंबर अंतिम तिथि है।
किसान यदि सूरज की ऊर्जा को अपने खेत का साथी बनाना चाहते हैं, तो यह सही समय है। 

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