एस्कॉर्ट्स कुबोटा की ट्रैक्टर बिक्री में उछाल, नवंबर 2025 में 17.9% ग्रोथ
एस्कॉर्ट्स कुबोटा की ट्रैक्टर बिक्री में जबरदस्त उछाल, नवंबर 2025 में 17.9% की ग्रोथ
एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड ने नवंबर 2025 में ट्रैक्टर बिक्री के क्षेत्र में ऐसा शानदार प्रदर्शन किया है जिसने पूरे कृषि मशीनरी उद्योग में उत्साह भर दिया है। कंपनी के एग्री मशीनरी बिजनेस ने इस महीने कुल 10,580 ट्रैक्टरों की बिक्री दर्ज कर अपनी बाजार पकड़ को और मजबूत किया है। पिछले वर्ष नवंबर 2024 में 8,974 यूनिट्स की तुलना में यह 17.9% की प्रभावशाली बढ़त है। यह उपलब्धि बताती है कि भारतीय ट्रैक्टर बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है और किसानों का भरोसा आधुनिक कृषि तकनीकों की ओर तेजी से झुक रहा है।
इस महीने घरेलू बिक्री का प्रदर्शन भी उतना ही मजबूत रहा। कंपनी ने भारतीय बाजार में 10,122 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जो नवंबर 2024 के 8,730 यूनिट्स से बढ़कर 15.9% हो गई। किसानों के बीच कृषि मशीनीकरण को लेकर बढ़ती जागरूकता और सरकार द्वारा मशीनरी पर GST में कटौती, सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहनों ने ट्रैक्टर खरीद को और भी सुलभ बनाया है। इससे रिटेल बिक्री में उल्लेखनीय तेजी आई है, जो कंपनी के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत है।
नवंबर 2025 का महीना एस्कॉर्ट्स कुबोटा के लिए रिटेल स्तर पर भी बेहद सफल रहा। खरीफ सीजन की कटाई के समाप्त होते ही रबी फसल की बुवाई की शुरुआत ने कृषि गतिविधियों में तेजी लाई। खेतों में बढ़ती जरूरतों ने ट्रैक्टर मांग को मजबूत बनाए रखा। इसके अलावा, पिछले वर्ष के बेहतर जलाशय स्तरों ने ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित की, जिससे किसान फसल चक्र को आसानी से आगे बढ़ा सके और इस सुचारू स्थिति ने बिक्री को अतिरिक्त बल दिया। कंपनी का मानना है कि वित्त वर्ष के आगामी महीनों में भी यह रुझान कायम रहने की पूरी संभावना है।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा का निर्यात प्रदर्शन इस वर्ष विशेष ध्यान आकर्षित करता है। कंपनी ने नवंबर 2025 में 458 ट्रैक्टरों का निर्यात किया, जबकि नवंबर 2024 में यह संख्या 244 थी। यानी 87.7% की ऐतिहासिक छलांग। यह न सिर्फ कंपनी की वैश्विक उपस्थिति को मजबूत करता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भारतीय ट्रैक्टर टेक्नोलॉजी दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। उच्च गुणवत्ता, टिकाऊपन और तकनीकी नवाचारों की वजह से कंपनी के उत्पाद कई देशों में महत्वपूर्ण पसंद बनते जा रहे हैं।
अप्रैल से नवंबर 2025 (FY26) तक की कुल बिक्री रिपोर्ट पर नजर डालें तो कंपनी का प्रदर्शन और अधिक मजबूती से उभरकर आता है। इन आठ महीनों के दौरान एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने मिलाकर 93,836 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जो पिछले वर्ष FY25 की इसी अवधि के 83,449 ट्रैक्टरों की तुलना में 12.4% अधिक है। घरेलू बिक्री में कंपनी ने 89,722 यूनिट्स बेचे, जबकि पिछला आंकड़ा 80,746 था, यानी 11.1% की वृद्धि। वहीं निर्यात क्षेत्र में कंपनी ने 4,114 ट्रैक्टर भेजे, जो 2,703 की तुलना में 52.2% ज्यादा है। ये आँकड़े इस बात के प्रमाण हैं कि कंपनी घरेलू और वैश्विक दोनों ही मोर्चों पर मजबूत पकड़ बनाए हुए है।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड को इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्र में आठ दशकों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। कंपनी कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट तकनीक वाली मशीनों के माध्यम से किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में लगातार योगदान दे रही है। उसके दो प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र—एग्री मशीनरी बिजनेस और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट बिजनेस—तेजी से विकसित हो रहे भारतीय कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों को नई दिशा दे रहे हैं। कंपनी की प्रतिबद्धता उच्च गुणवत्ता, लागत-प्रभावशीलता, नवाचार और बाजार की जरूरतों के अनुरूप तकनीक विकसित करने पर केंद्रित है।
आज के प्रतिस्पर्धी कृषि बाजार में किसानों की जरूरतें और प्राथमिकताएँ लगातार बदल रही हैं। ईंधन-कुशल, तकनीकी रूप से उन्नत और टिकाऊ ट्रैक्टरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। एस्कॉर्ट्स कुबोटा अपने विस्तृत उत्पाद पोर्टफोलियो के माध्यम से किसानों को ऐसे ट्रैक्टर उपलब्ध करा रही है, जो न केवल उनकी कृषि उत्पादकता बढ़ाते हैं, बल्कि कम लागत में बेहतर संचालन का भी भरोसा देते हैं। यही कारण है कि कंपनी की ब्रांड वैल्यू ग्रामीण बाजारों में दिन-ब-दिन बढ़ रही है।
नवंबर 2025 की बिक्री रिपोर्ट कंपनी के लिए न सिर्फ उपलब्धि है, बल्कि आने वाले समय की संभावनाओं का संकेत भी है। भारतीय ट्रैक्टर उद्योग, आधुनिक कृषि तकनीकों के बढ़ते उपयोग, ग्रामीण आय में वृद्धि, सरकारी प्रोत्साहन और उभरते निर्यात बाजारों की वजह से लगातार विस्तार कर रहा है। एस्कॉर्ट्स कुबोटा इस वृद्धि लहर का लाभ उठाते हुए उद्योग में अपनी नेतृत्वकारी स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी यह उम्मीद जता रही है कि आने वाले महीनों में भी मांग स्थिर बनी रहेगी और बिक्री में निरंतर वृद्धि दर्ज की जाएगी।

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