हरियाणा के 53,821 किसानों के खातों में आए 116 करोड़ रुपये, ऐसे चेक करें स्टेटस
हरियाणा के 53,821 किसानों को बड़ी राहत, खातों में पहुंचे 116 करोड़ रुपये, ऐसे करें स्टेटस चेक
हरियाणा सरकार ने भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों को बड़ी आर्थिक राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रदेश के 53,821 किसानों के लिए 116 करोड़ 15 लाख रुपये की फसल नुकसान मुआवजा राशि जारी कर दी है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जा रही है। सरकार के अनुसार, अगले एक सप्ताह के भीतर सभी पात्र किसानों के खातों में पैसा पहुंच जाएगा।
राज्य में अगस्त और सितंबर के दौरान हुई लगातार तेज बारिश और बाढ़ ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था। कई जिलों में खेतों में पानी भर गया, जिससे बाजरा, कपास, धान और ग्वार जैसी प्रमुख खरीफ फसलें बर्बाद हो गईं। इसी नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने यह मुआवजा जारी किया है, ताकि किसान दोबारा खेती के लिए खुद को तैयार कर सकें और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
मुख्यमंत्री सैनी ने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। प्राकृतिक आपदा के समय किसानों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि मुआवजा राशि जारी करने की प्रक्रिया तुरंत प्रभाव से शुरू कर दी गई है और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि भुगतान में किसी तरह की देरी न हो।
सरकार द्वारा जारी कुल 116.15 करोड़ रुपये की सहायता राशि को फसलवार विभाजित किया गया है। इसमें बाजरा किसानों के लिए सबसे अधिक 35 करोड़ 29 लाख रुपये, कपास के लिए 27 करोड़ 43 लाख रुपये, धान के लिए 22 करोड़ 91 लाख रुपये और ग्वार फसल के लिए 14 करोड़ 10 लाख रुपये शामिल हैं। यह सहायता उन किसानों को दी जा रही है, जिनकी फसलें प्राकृतिक आपदा के कारण गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त पाई गईं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मुआवजा राशि नुकसान के प्रतिशत के आधार पर तय की गई है। जिन किसानों की फसल को 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है, उन्हें 12,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक की सहायता दी जा रही है। वहीं, जिन किसानों को 75 प्रतिशत से अधिक फसल नुकसान हुआ है, उन्हें 15,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक का मुआवजा दिया जा रहा है। इससे किसानों को वास्तविक नुकसान के अनुरूप राहत मिल सकेगी।
इस पूरी प्रक्रिया के लिए राज्य सरकार ने पहले ही ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल को किसानों के लिए खोला था। सरकार की ओर से तय समयसीमा के अनुसार यह पोर्टल 15 सितंबर तक खुला रखा गया था। इस दौरान प्रदेशभर से 5 लाख 29 हजार 199 किसानों ने अपनी फसल क्षति का विवरण दर्ज कराया था, जिसमें लगभग 31 लाख एकड़ कृषि भूमि का पंजीकरण किया गया। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 53,821 किसानों की 1 लाख 20 हजार 380 एकड़ भूमि में फसल नुकसान की पुष्टि हुई, जिनके लिए अब मुआवजा जारी किया गया है।
सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि जिन किसानों ने निर्धारित समय के भीतर पोर्टल पर आवेदन नहीं किया, या जिनके दस्तावेज सत्यापन में सही नहीं पाए गए, उनके खातों में यह राशि नहीं आएगी। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल या क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जाकर अपना भुगतान स्टेटस जरूर जांच लें।
अगर किसी किसान के खाते में तय समय के बाद भी पैसा नहीं आता है, तो वे किसान कॉल सेंटर के नंबर 1800-180-2117 या 1800-180-2060 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन पोर्टल पर लॉगिन करके भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। सरकार का कहना है कि सभी शिकायतों का समयबद्ध निपटारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सैनी ने जानकारी दी कि इस बार चरखी दादरी, हिसार और भिवानी जिले सबसे ज्यादा प्रभावित रहे हैं। चरखी दादरी जिले के किसानों को 23 करोड़ 55 लाख रुपये, हिसार को 17 करोड़ 82 लाख रुपये और भिवानी को 12 करोड़ 15 लाख रुपये की सहायता राशि जारी की गई है। इन जिलों में अत्यधिक बारिश और बाढ़ के कारण फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था।
सरकार ने यह भी बताया कि फसल नुकसान के सत्यापन कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। इस मामले में 6 पटवारियों को निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि किसानों के हक के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रशासन को पूरी पारदर्शिता के साथ काम करना होगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भावांतर भरपाई योजना को लेकर भी बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाजरा किसानों को उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से खरीफ सीजन 2021 में बाजरे को इस योजना में शामिल किया गया था। खरीफ सीजन 2025-26 में बाजरे की खरीद 23 सितंबर से शुरू की गई थी। सरकार ने 575 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भावांतर भरपाई देने का निर्णय लिया, जिसके तहत प्रदेश के 1 लाख 57 हजार किसानों को 358 करोड़ 62 लाख रुपये जारी किए गए हैं। यह राशि भी एक सप्ताह के भीतर किसानों के खातों में पहुंच जाएगी।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में हरियाणा सरकार ने किसानों को मुआवजा और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 15,448 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी है। यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकता में किसान कल्याण सबसे ऊपर है। प्राकृतिक आपदा हो या बाजार में दामों की समस्या, सरकार हर स्थिति में किसानों को संबल देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर, 116 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि और 358 करोड़ रुपये की भावांतर भरपाई से हरियाणा के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिली है। यह कदम न सिर्फ किसानों की तात्कालिक आर्थिक जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि उन्हें अगली फसल की तैयारी के लिए भी आत्मविश्वास देगा।

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