दिसंबर 2025 में ट्रैक्टर रिटेल बिक्री में 15.8% की उछाल, ग्रामीण मांग बनी बड़ी वजह
दिसंबर 2025 में ट्रैक्टर रिटेल बिक्री में ज़बरदस्त उछाल, ग्रामीण मांग ने दी रफ्तार
भारत के कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेत दिसंबर 2025 में काफी सकारात्मक नजर आए। इसका सीधा असर ट्रैक्टर बाजार पर देखने को मिला, जहां ट्रैक्टर रिटेल बिक्री में सालाना आधार पर 15.80% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में देशभर में 1,15,001 ट्रैक्टर यूनिट्स की खुदरा बिक्री हुई, जबकि दिसंबर 2024 में यह आंकड़ा 99,306 यूनिट्स था।
🔴 प्रमुख कारण: क्यों बढ़ी ट्रैक्टरों की मांग?
इस तेज़ बढ़ोतरी के पीछे कई अहम कारण रहे, जिनमें शामिल हैं:
- 🌾 कृषि गतिविधियों में तेजी
- 🟢 ग्रामीण इलाकों में बेहतर नकदी प्रवाह
- 💰 स्थिर और सुलभ फाइनेंसिंग विकल्प
- 🌧️ खरीफ फसल के बाद रबी सीजन की तैयारी
इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर ग्रामीण भारत में ट्रैक्टर खरीदारी का माहौल मजबूत किया।
📊 ट्रैक्टर बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, सभी ब्रांड्स का प्रदर्शन एक जैसा नहीं
जहां कई बड़े ट्रैक्टर OEMs (Original Equipment Manufacturers) ने शानदार ग्रोथ दर्ज की, वहीं कुछ कंपनियों को हल्की गिरावट का भी सामना करना पड़ा। इससे यह साफ है कि भारतीय ट्रैक्टर बाजार अब ज्यादा प्रतिस्पर्धी और कंसॉलिडेशन की ओर बढ़ रहा है।
🟢 महिंद्रा एंड महिंद्रा ने फिर दिखाया दबदबा
महिंद्रा एंड महिंद्रा (ट्रैक्टर डिवीजन) ने दिसंबर 2025 में 29,475 यूनिट्स की बिक्री के साथ बाजार में पहला स्थान बनाए रखा।
- 📈 सालाना वृद्धि: 21% से अधिक
- 🟩 बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 25.63%
यह साफ दिखाता है कि महिंद्रा ट्रैक्टर किसानों की पहली पसंद बना हुआ है।
🔵 स्वराज ट्रैक्टर्स ने भी पकड़ी रफ्तार
महिंद्रा ग्रुप की ही स्वराज डिवीजन ने भी मजबूत प्रदर्शन किया।
- बिक्री: 22,000+ यूनिट्स
- 📊 बाजार हिस्सेदारी में करीब 1% की बढ़ोतरी
स्वराज की पकड़ खासकर उत्तर भारत और कृषि प्रधान राज्यों में मजबूत होती जा रही है।
🟡 सोनालिका: बिक्री बढ़ी, लेकिन हिस्सेदारी घटी
इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड (सोनालिका) ने बिक्री के मोर्चे पर बढ़त दिखाई, लेकिन बाजार हिस्सेदारी में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
- ✔️ यूनिट सेल्स में वृद्धि
- ❌ मार्केट शेयर में कमी
यह दर्शाता है कि प्रतिस्पर्धा के चलते सिर्फ बिक्री बढ़ना ही काफी नहीं, बल्कि हिस्सेदारी बनाए रखना भी चुनौती है।
🔴 एस्कॉर्ट्स कुबोटा का शानदार कमबैक
दिसंबर 2025 की सबसे बड़ी उपलब्धि एस्कॉर्ट्स कुबोटा के नाम रही।
- 🚀 सालाना वृद्धि: 40% से ज्यादा
- 📈 बाजार हिस्सेदारी में 2% से अधिक का उछाल
यह प्रदर्शन दिखाता है कि कंपनी की नई टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट रेंज और ग्रामीण नेटवर्क ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
🟢 जॉन डियर की मजबूत वापसी
जॉन डियर इंडिया ने भी शानदार ग्रोथ दर्ज की।
- 📊 बिक्री में 30% से ज्यादा की बढ़ोतरी
- 🌱 मध्यम हॉर्सपावर सेगमेंट में मजबूत पकड़
यह ब्रांड खासकर उन्नत कृषि उपकरण और विश्वसनीयता के लिए जाना जाता है।
🔵 टैफे और आयशर को झटका
जहां कुछ कंपनियां आगे बढ़ीं, वहीं TAFE और आयशर ट्रैक्टर्स को दिसंबर 2025 में हल्की गिरावट का सामना करना पड़ा।
- 📉 बिक्री और बाजार हिस्सेदारी दोनों में कमी
- 🔍 कारण: बढ़ती प्रतिस्पर्धा और क्षेत्रीय दबाव
🟠 छोटे ब्रांड्स की हिस्सेदारी में बड़ी गिरावट
छोटे और क्षेत्रीय ट्रैक्टर ब्रांड्स के लिए यह महीना चुनौतीपूर्ण रहा।
- 🚫 बिक्री में 20% से अधिक की गिरावट
- 📉 संयुक्त बाजार हिस्सेदारी में तेज कमी
यह संकेत देता है कि बाजार अब बड़े और मजबूत ब्रांड्स की ओर झुक रहा है।
🔮 आगे का बाजार आउटलुक
विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले महीनों में ट्रैक्टर बाजार की दिशा इन कारकों पर निर्भर करेगी:
- 🌾 रबी फसल की स्थिति
- 💧 सिंचाई और मौसम
- 💵 ग्रामीण नकदी प्रवाह
- 🏦 फाइनेंस और ब्याज दरें
अगर हालात अनुकूल रहे, तो FY 2026 की शुरुआत ट्रैक्टर इंडस्ट्री के लिए और भी सकारात्मक हो सकती है।
दिसंबर 2025 में ट्रैक्टर रिटेल बिक्री ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे मजबूती की ओर बढ़ रही है। बड़े ब्रांड्स की मजबूत पकड़ और छोटे खिलाड़ियों की चुनौती, आने वाले समय में बाजार को और रोचक बनाएगी।

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