गन्ने का नया रेट 2025: राज्य सरकार ने बढ़ाया ₹30 प्रति क्विंटल भाव
राज्य सरकार ने गन्ना किसानों को दी बड़ी राहत, अब मिलेगा 30 रुपये अधिक मूल्य – पढ़ें पूरी जानकारी
उत्तराखंड सरकार ने गन्ना किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। लंबे समय से गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी और अंततः सरकार ने 30 रुपये प्रति क्विंटल कीमत बढ़ाने का बड़ा फैसला किया है। इस निर्णय से राज्य के लाखों किसानों को आर्थिक राहत मिलने वाली है, साथ ही आगामी पेराई सत्र में गन्ना उत्पादन को और बढ़ावा मिलेगा। शासन ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गन्ना मूल्य बढ़ोतरी प्रस्ताव को स्वीकृति देने के बाद संबंधित विभागों ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ताज़ा आदेश के अनुसार, पेराई सत्र 2025–26 में राज्य की सभी चीनी मिलें मिल गेट पर गन्ने की खरीद निम्न दरों पर करेंगी— अगैती प्रजाति 405 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि सामान्य प्रजाति 395 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी जाएगी। यानी दोनों श्रेणियों में सीधे 30 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
पिछले वर्ष पेराई सत्र 2024–25 में गन्ने की अगैती किस्म का मूल्य 375 रुपये प्रति क्विंटल था और सामान्य प्रजाति का मूल्य 365 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित था। इस हिसाब से किसानों को अब प्रति क्विंटल 30 रुपये अधिक मिलेंगे, जो उत्पादन लागत बढ़ने की स्थिति में बहुत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। किसान संगठनों ने भी इस फैसले को स्वागत योग्य बताया है।
सरकार का कहना है कि गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना उसकी प्रमुख प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट कहा है कि किसानों की आय बढ़ाना, उन्हें उपज का न्यायपूर्ण मूल्य देना और भुगतान को पारदर्शी व सरल बनाना सरकार की ज़िम्मेदारी है। इसलिए गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी के साथ-साथ समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
किसानों की एक बड़ी चिंता यह रहती है कि चीनी मिलें भुगतान में देरी करती हैं। ऐसे में सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी क्रय केंद्र पर किसानों को असुविधा न हो और भुगतान समय पर किया जाए। किसानों को बकाया राशि रोकने पर भी सख्ती की बात कही गई है। यह कदम कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम माना जा रहा है।
इस फैसले का सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ेगा, क्योंकि गन्ना उत्तराखंड के कई क्षेत्रों की प्रमुख नकदी फसल है। खासकर हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर जैसे जिलों में हजारों किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं। मूल्य बढ़ने से किसान नई तकनीक अपनाने, बेहतर सिंचाई व्यवस्था करने और फसल उत्पादन बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग ने यह भी साफ किया है कि बाहरी क्रय केंद्रों से गन्ने का परिवहन मिल तक करने में होने वाली कटौती 11 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है। यानी मिलें परिवहन के नाम पर अधिक कटौती नहीं कर पाएंगी। यह भी किसानों के हित में बड़ा प्रावधान है।
गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में लगातार बढ़ रही महंगाई और खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए किसानों पर ज्यादा दबाव बढ़ गया था। खाद, डीज़ल, बिजली, श्रम व सिंचाई लागत में भारी वृद्धि हुई है। ऐसे में गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी न सिर्फ किसानों के लिए राहत है, बल्कि पूरे कृषि चक्र को सहारा देने वाला निर्णय है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे गन्ना उत्पादन और चीनी उद्योग दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
गन्ना मूल्य सूची 2025–26 के अनुसार
- अगैती प्रजाति – ₹405 प्रति क्विंटल
- सामान्य प्रजाति – ₹395 प्रति क्विंटल
इस मूल्य पर राज्य की सभी चीनी मिलों को किसानों से गन्ना खरीदना होगा और भुगतान की स्थिति तथा मात्रा की जानकारी हर माह शासन को उपलब्ध करानी होगी। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और गन्ना क्रय प्रक्रिया पर निगरानी भी मजबूत होगी।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड में गन्ना मूल्य बढ़ाने का यह निर्णय भविष्य में उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। किसान फसल की पैदावार बढ़ाने, नई किस्में अपनाने और खेती में आधुनिक तकनीक का उपयोग करने के लिए प्रेरित होंगे। इसके साथ ही चीनी उद्योग को कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और चीनी उत्पादन में सुधार होगा।
इस निर्णय से किसानों को मानसिक और आर्थिक दोनो स्तर पर मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार का यह फैसला किसानों की मेहनत का सम्मान दर्शाता है और यह संदेश भी देता है कि सरकार कृषि को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। कृषि अर्थव्यवस्था, ग्रामीण रोजगार, चीनी मिलों की गतिविधियाँ और गांवों की आमदनी—सभी पर इस बढ़ोतरी का सीधा असर पड़ेगा।
स्पष्ट है कि 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी से किसानों की आय में महत्वपूर्ण इजाफा होगा और आने वाले समय में यह राहत फसल उत्पादन को नए स्तर पर ले जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को समय पर भुगतान मिले और किसी भी तरह की शोषण प्रक्रिया पर सख्ती की जाए।
कुल मिलाकर, यह फैसला गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार द्वारा जारी शासनादेश ने किसानों की उम्मीदों को नई दिशा दी है और कृषि क्षेत्र की मजबूती की तरफ एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। आने वाले पेराई सत्र में किसान न सिर्फ बेहतर मूल्य पाएंगे, बल्कि उनका उत्साह भी बढ़ेगा, जिसका सकारात्मक असर पूरे कृषि तंत्र पर दिखाई देगा।

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