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मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2026: अब 5 लाख का मुआवजा सीधे खाते में, ऑनलाइन आवेदन शुरू

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना हुई पूरी तरह डिजिटल, अब किसानों को मिलेगा तेज और पारदर्शी मुआवजा


उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक और बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को अब पूरी तरह ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे दुर्घटना में प्रभावित किसान परिवारों को मुआवजा सीधे बैंक खाते में मिलेगा। इस योजना के डिजिटलीकरण की अंतिम समय-सीमा फरवरी 2026 तय की गई है। इसके बाद किसानों को सहायता पाने के लिए तहसील, कलेक्ट्रेट या किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

राज्य सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को त्वरित, पारदर्शी और भरोसेमंद वित्तीय सहायता मिले, ताकि किसी भी अप्रत्याशित दुर्घटना के बाद परिवार को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।


डिजिटल पोर्टल से होगा आवेदन से लेकर भुगतान तक का पूरा प्रोसेस

राजस्व परिषद और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) मिलकर इस योजना के लिए एक आधुनिक वेब पोर्टल विकसित कर रहे हैं। इस पोर्टल के जरिए किसान या उनके परिवारजन ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज अपलोड, सत्यापन, स्वीकृति और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से राशि प्राप्त कर सकेंगे।

पहले जहां कई प्रक्रियाएं ऑफलाइन होती थीं और फाइलें अलग-अलग दफ्तरों में घूमती थीं, वहीं अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। इससे भ्रष्टाचार, देरी और फर्जीवाड़े की गुंजाइश भी काफी कम हो जाएगी। किसान अपने आवेदन की स्थिति को रीयल टाइम ट्रैक कर सकेंगे, जिससे अनिश्चितता खत्म होगी।


अब तक 29,394 किसानों को मिल चुका है योजना का लाभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 2019 में शुरू की गई इस योजना के तहत दिसंबर 2025 तक 29,394 किसानों के आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। मंडलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो:

  • लखनऊ मंडल – 3,569 स्वीकृत आवेदन
  • गोरखपुर मंडल – 3,143
  • अयोध्या मंडल – 2,491
  • कानपुर मंडल – 2,436

इन आंकड़ों से साफ है कि योजना प्रदेश भर में किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है और जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंच रही है।


दुर्घटना पर 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में किसान या उसके परिवार को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे बीच में कोई कटौती या देरी नहीं होती।

डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद यह मदद और भी तेजी से मिलेगी, जिससे संकट के समय परिवार को तुरंत आर्थिक संबल मिल सकेगा।


किसानों के लिए क्यों जरूरी है यह डिजिटल बदलाव?

ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसान अक्सर दस्तावेजी प्रक्रियाओं और सरकारी दफ्तरों की वजह से योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। नई डिजिटल प्रणाली से:

  • घर बैठे आवेदन संभव होगा
  • दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे
  • आवेदन की स्थिति मोबाइल या कंप्यूटर पर देखी जा सकेगी
  • मुआवजा सीधे खाते में पहुंचेगा

यह सब मिलकर किसान कल्याण योजना को ज्यादा प्रभावी और भरोसेमंद बनाएगा।


डिजिटल इंडिया के लक्ष्य की ओर एक मजबूत कदम

राजस्व परिषद की यह पहल सरकार के डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस विजन को और मजबूती देती है। इससे न केवल प्रशासनिक खर्च कम होगा, बल्कि योजना का लाभ समय पर सही व्यक्ति तक पहुंचेगा

प्रदेश सरकार का साफ संदेश है कि कोई भी पात्र किसान इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे। दुर्घटना के समय मिलने वाली यह सहायता किसानों के परिवारों के लिए नई उम्मीद और भरोसा बनकर सामने आएगी।


निष्कर्ष

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का डिजिटलीकरण उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगा। फरवरी 2026 के बाद यह योजना पूरी तरह ऑनलाइन होकर तेज, पारदर्शी और किसान-हितैषी बन जाएगी। 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता, डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर और ऑनलाइन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं इसे देश की सबसे प्रभावी किसान बीमा व सहायता योजनाओं में शामिल करती हैं।

यह कदम न सिर्फ किसानों को आर्थिक सुरक्षा देगा, बल्कि सरकारी योजनाओं पर उनका विश्वास भी मजबूत करेगा।

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