कृषि यंत्रीकरण योजना 2026: 154 गन्ना किसानों को 60% सब्सिडी पर आधुनिक कृषि यंत्र, जानें पूरी प्रक्रिया
कृषि यंत्रीकरण योजना 2026: बिहार के 154 गन्ना किसानों को मिलेगी 60% तक सब्सिडी, खेती बनेगी हाई-टेक
बिहार सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए कृषि यंत्रीकरण योजना 2025-26 के तहत आधुनिक कृषि यंत्रों पर 50 से 60 प्रतिशत तक सब्सिडी देने की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की खेती की लागत घटाना, उत्पादकता बढ़ाना और आधुनिक तकनीक को गांवों तक पहुंचाना है। इस बार सरकार ने 154 किसानों का चयन किया है, जिन्हें अत्याधुनिक मशीनों पर सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
यह योजना खास तौर पर उन किसानों के लिए फायदेमंद है जो गन्ना जैसी लंबी अवधि वाली फसल उगाते हैं और जहां मजदूरों की कमी व खेती की लागत बड़ी चुनौती बन चुकी है।
154 किसानों का चयन, मिलेगा सीधा लाभ
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीसरी रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के तहत राज्य भर से 154 किसानों को चुना गया है। इन किसानों को कुल 9 तरह के आधुनिक कृषि यंत्रों पर सरकारी अनुदान दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इन मशीनों की मदद से किसान खेतों की तैयारी से लेकर फसल प्रबंधन तक सभी काम कम समय और कम खर्च में कर पाएंगे, जिससे उनकी आय में सीधा इजाफा होगा।
क्यों जरूरी है कृषि यंत्रीकरण?
आज की खेती सिर्फ बैल और हल तक सीमित नहीं रह गई है।
- मजदूरों की कमी
- बढ़ती मजदूरी
- समय की कमी
- फसल लागत में लगातार वृद्धि
इन सभी कारणों से कृषि यंत्रीकरण (Agricultural Mechanization) अब एक जरूरत बन चुका है। खासकर गन्ना खेती में जुताई, समतलीकरण, खरपतवार नियंत्रण और रैटून मैनेजमेंट जैसे काम मशीनों से करने पर लागत कम होती है और उत्पादन बेहतर मिलता है।
इसी जरूरत को देखते हुए बिहार सरकार ने गन्ना कृषि यंत्रीकरण योजना को और प्रभावी बनाया है।
इन आधुनिक कृषि यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी
इस योजना के तहत चयनित किसानों को निम्नलिखित कृषि मशीनों पर 50 से 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी:
- डिस्क हैरो
- पावर वीडर
- पावर टीलर
- लैंड लेवलर
- लेजर लेवलर
- रैटून मैनेजमेंट डिवाइस
- रोटावेटर
- मिनी ट्रैक्टर (4WD)
- ट्रैक्टर माउंटेड हाइड्रॉलिक स्प्रेयर
सब्सिडी कैसे मिलेगी? जानिए पूरी प्रक्रिया
सरकार ने इस योजना को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है ताकि सही किसान को सही समय पर लाभ मिल सके।
स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:
- चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र पहले ही जारी कर दिए गए हैं।
- किसान केवल SuMech पोर्टल पर सूचीबद्ध अधिकृत विक्रेताओं से ही मशीन खरीद सकते हैं।
- सबसे पहले किसान को पूरी मशीन की कीमत खुद चुकानी होगी।
- मशीन खरीदने के बाद विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाएगा।
- सत्यापन पूरा होने के बाद सरकार द्वारा तय सब्सिडी राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किसान के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
स्वीकृति पत्र की अंतिम तारीख
गन्ना उद्योग विभाग ने स्पष्ट किया है कि जारी किए गए स्वीकृति पत्र केवल 18 जनवरी 2026 तक ही मान्य रहेंगे।
यदि कोई किसान इस तारीख तक मशीन की खरीद और जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो वह योजना के लाभ से वंचित हो सकता है। इसलिए चयनित किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते सभी औपचारिकताएं पूरी करें।
किसानों के लिए हेल्पलाइन सुविधा
अगर किसी किसान को योजना, मशीन, पोर्टल या भुगतान से जुड़ी कोई समस्या है तो वह सीधे हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकता है:
यह सुविधा किसानों को तकनीकी सहायता और सही मार्गदर्शन देने के लिए शुरू की गई है।
गन्ना किसानों के लिए क्यों खास है यह योजना?
बिहार में हजारों किसान गन्ना उत्पादन पर निर्भर हैं। लेकिन गन्ने की खेती में
- ज्यादा मेहनत
- ज्यादा मजदूरी
- लंबा समयलगता है।
कृषि यंत्रीकरण योजना 2026 बिहार के गन्ना किसानों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। 60% तक सब्सिडी, आधुनिक कृषि यंत्र, डीबीटी के जरिए सीधा भुगतान और सरकारी निगरानी इस योजना को भरोसेमंद और प्रभावी बनाते हैं।
अगर किसान समय रहते इसका लाभ उठाते हैं, तो यह योजना उनकी खेती को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बना सकती है।

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