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धान किसानों को बड़ी राहत: अब 24 घंटे में मिलेगा भुगतान | MSP धान खरीद 2026 अपडेट

कृषि खुशखबरी: धान किसानों को अब 24 घंटे में मिलेगा भुगतान, सरकार ने दिए सख्त निर्देश


धान किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बिहार सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीद प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, तेज और किसान-हितैषी बनाने का बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में धान बेचने वाले किसानों को अपनी फसल का पैसा 24 घंटे के भीतर सीधे बैंक खाते में मिलने की व्यवस्था की जा रही है। इस निर्णय से किसानों को लंबे समय से चली आ रही भुगतान देरी की समस्या से निजात मिलेगी।

धान भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव

राज्य सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि धान खरीद के बाद भुगतान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन किसानों का भुगतान किसी कारणवश अब तक लंबित है, उनका भी शीघ्र निपटारा किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों की मेहनत की कमाई समय पर उन्हें मिले और उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सख्ती

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए हैं कि धान खरीद और भुगतान प्रक्रिया में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
सरकार का मानना है कि समय पर भुगतान से किसानों का भरोसा बढ़ेगा और सरकारी खरीद प्रणाली और मजबूत होगी।

FIFO प्रणाली से होगा लंबित भुगतानों का निपटारा

धान किसानों के लंबित भुगतानों को निपटाने के लिए FIFO (First In, First Out) प्रणाली अपनाई जाएगी। इसका मतलब यह है कि जिन किसानों ने पहले धान बेचा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर भुगतान किया जाएगा। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा।

बीएसएफसी मुख्यालय में हुई अहम समीक्षा बैठक

हाल ही में बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (BSFC) के मुख्यालय में धान खरीद और भुगतान व्यवस्था को लेकर एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में धान खरीद केंद्रों की स्थिति, भुगतान प्रक्रिया, मिलों की भूमिका और परिवहन व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
सचिव ने स्पष्ट किया कि किसानों का पैसा समय पर उनके खातों में पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पहले दे चुके हैं निर्देश

धान खरीद को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दे चुके हैं। उन्होंने कहा है कि धान खरीद प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू और निर्बाध होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि धान खरीद में लगे कर्मचारियों को सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) कितना है?

सरकार द्वारा तय किए गए MSP के अनुसार:

  • सामान्य ग्रेड धान: ₹2,369 प्रति क्विंटल
  • ग्रेड A धान: ₹2,389 प्रति क्विंटल

धान खरीद की अवधि 1 नवंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। राज्य में धान खरीद कार्य को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है, ताकि सभी जिलों के किसान आसानी से इसका लाभ उठा सकें।

बिहार में धान खरीद का लक्ष्य

वर्ष 2025-26 के लिए बिहार सरकार ने धान खरीद का कुल लक्ष्य 36.85 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया है। राज्य के सभी 38 जिलों में धान खरीद प्रक्रिया जारी है।
इसके साथ ही उसना (पारबॉयल्ड) चावल मिलों की संख्या बढ़कर 396 हो चुकी है, जिससे धान प्रसंस्करण क्षमता में भी इजाफा हुआ है।

अन्य योजनाओं की भी हुई समीक्षा

समीक्षा बैठक के दौरान सरकार की कई अहम योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई। इनमें शामिल हैं:

  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना
  • प्रधानमंत्री पोषण योजना
  • गेहूं आधारित पोषण योजना
  • किशोरियों के लिए पोषण योजना
  • कल्याणकारी संस्थान एवं छात्रावास योजना

इसके अलावा फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई और सैंपल जांच समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।

बीएसएफसी की भूमिका होगी और मजबूत

सरकार ने साफ किया है कि इन सभी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में BSFC की भूमिका बेहद अहम है। निगम को निर्देश दिए गए हैं कि एफसीआई से खाद्यान्न उठाव से लेकर डिस्पैच तक की सभी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। जिन जिलों में परिवहन व्यवस्था को लेकर समस्या आ रही है, वहां तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

24 घंटे में भुगतान से बढ़ेगा किसानों का भरोसा

बिहार सरकार के इस फैसले से यह साफ है कि अब धान किसानों को अपने पैसे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 24 घंटे में भुगतान की व्यवस्था से किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और वे अगली फसल की तैयारी समय पर कर सकेंगे।
यह कदम न सिर्फ किसानों के भरोसे को बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की धान खरीद प्रणाली को भी और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाएगा।


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